माँ कि बातें आज भी याद हैं : मेरे रब के बाद मैं बस मेरी मां को जानती हूं !

माँ कि बातें आज भी याद हैं : मेरे रब के बाद मैं बस मेरी मां को जानती हूं !

फीचर्स डेस्क। इस साल 9 मई को मदर्स डे है। वैसे तो मेरे देश में माँ का कोई मोल नहीं और ना ही कोई कर्ज उतार सकता है माँ का। फिर भी फोकस हर लाइफ लखनऊ क्लब शाखा की मेम्बर्स ने अपनी माँ के लिए कुछ चंद लाइने लेख के रूप में, कविता के रूप में, उनकी बताई बातें, उनकी कुछ यादगार पल हमारे साथ शेयर करने की बहुत सुंदर कोशिश की है। दरअसल, इनके इस प्रयास में और अच्छा कुछ करने की प्रोत्साहन के लिए focusherlife जो की एक वोमेंस स्पेशल हिन्दी आर्टिकल वेबसाइट हैं, एक माँ कि बातें आज भी याद हैंप्रतियोगिता रखी हैं। जिसमे सभी मेम्बर को अपनी माँ के लिए कुछ न कुछ लाइन लिखनी हैं। इस प्रतियोगिता का रिजल्ट 15 मई को घोषित किया जाएगा। जिसमे 3 विनर को मिलेगे प्राइज़। इसी क्रम में तीसरी प्रतियोगी हैं दीप्ति आहूजा जिन्होने माँ की बात याद कर के लिखा कि-

दोस्तों बहुत ही छोटा सा शब्द है माँपर इस शब्द में भावनाये है स्नेह हैं और शक्ति है। ईश्वर की सबसे शानदार और मजबूत रचना है माँ का प्यार, तपस्या और त्याग की मूरत भी है माँ। आप अपनी माँ से कितना भी प्यार करें पर माँ का प्यार आपसे  9 महीने ज्यादा ही होता है। भगवान हर जगह नहीं पहुंच सकते तो इस लिए उसने माँ को बनाया।

वैसे तो हमें इस दुनिया में लाने वाली माँ के प्रति सम्मान के लिए कोई खास दिन की जरूरत नहीं है पर माँ के प्रति अपनी भावनाये प्रकट करने के लिए  मातृ दिवस (Happy Mothers Day ) मां को सम्मान देने वाले दिन के रूप में मनाया जाता है।

जिस के होने से मैं खुद को मुक्कमल मानती हूं..

मेरे रब के बाद.. मैं बस मेरी मां को जानती हूं!

नाम बहुत है मतलब वही एक है कोई

राम’’ बुलाता है, कोई अल्लाह’’ तो

कोई माँ !!

HAPPY MOTHER’S DAY

दीप्ति आहूजा, मेम्बर फोकस हर लाइफ क्लब शाखा।


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