डिजिटल नवरात्रि: लखनऊ सिटी की वोमेंस ने इस नवरात्रि में किया एक अनोखा प्रयास

नवरात्रि का पावन त्यौहार ,पर उस पर पड़ी कोरोना की मार,पर कहते है न कि नारी कभी नही मानती हार, मिलकर नहीं मना सके तो क्या हुआ दिया है टेक्नोलॉजी ने हमे ये विशेष उपहार....
डिजिटल नवरात्रि: लखनऊ सिटी की वोमेंस ने इस नवरात्रि में किया एक अनोखा प्रयास

लखनऊ सिटी। मां एक रूप अनेक। माता के नौ दिन के नौ स्वरूप। हर स्वरूप हमें एक अलग दर्शन करवाता है। आज के समय में जहां हमारा मंदिर जाना बंद है वहीं वर्चस्व वेलफेयर ,पार्थ फाउंडेशन, आस्था सेवा संस्थान और शिवी शिल्पग्राम ने मिलकर चलाया एक डिजिटल प्रोग्राम । जिसमें 35 महिलाओं से भी अधिक महिलाओं ने भाग लिया । इस नवरात्रि को यादगार बना दिया।

प्रतिभा बालियान ने हमारी टीम को बताया कि इस आयोजन को करने का हमारा प्रयास ये ही था कि कोविड 19 का डर सबके अंदर व्याप्त है उससे लोगों को उबारा जा सके। माता रानी से ही इस कार्यक्रम को करने की प्रेरणा मिली।

सभी महिलाओं का उत्साह और सकारात्मकता पूरे 9 दिन देखने योग्य थी। इस डिजिटल प्रोग्राम में रंजना बुंदेला का भरपूर सहयोग मिला। कार्यक्रम की शुरुआत चैत्र प्रतिपदा के दिन आचार्य दुधिर कुमार द्विवेदी के द्वारा कलश स्थापना के साथ हुई। और समापन राम नवमी के दिन यज्ञ के साथ हुआ। ये सभी कार्यक्रम फोटो और वीडियो के द्वारा संपन्न हुआ।

ये कोरोना काल भी हमें मां की आराधना करने से न रोक सका। सब साथ नही तो क्या हुआ पर मां की आरती, प्रार्थना, पूजा सबने दूर रहकर भी साथ की।

इस डिजिटल प्रोग्राम में आशा राय और साध्वी त्रिपाठी ने डिजिटल सहयोग प्रदान किया। पुनीता भटनागर तो एक मिसाल बन गई जिन्होंने पहले दिन ही अपने 9 दिनों का कार्य पूरा कर लिया और पूरे 9 दिन मां के चरणों की सेवा में बिता दिए। नवमी के दिन सुबह मां के चरणों में शंखनाद से मां को जगाया और पूजा अर्चना की।

ऐसे ही लोग हमें,हमारे समाज को प्रेरित करते है। और जो आज पास नकारात्मकता फेल रही है उसे इन प्रयासों से दूर किया जा सकता है ये संदेश देते है। आप सब भी अपने अंदर निराशा न आने दे। कुछ प्रयासों से ये कठिन समय भी टल जाएगा। माता रानी पर विश्वास रखें।

ऐसे ही आयोजन अगर आपके सिटी में भी होते है तो हमें जानकारी दे editor@focusherlife.com में मेल करके।


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